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पुरानी बनाम नई टैक्स रिजीम FY 2026-27: किसमें ज़्यादा बचत?

अपडेट: 15 सितंबर 2026 · पढ़ने में करीब 12 मिनट · FY 2026-27 और FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए

सीधा जवाब: नई टैक्स रिजीम (व्यवस्था) डिफ़ॉल्ट है। इसके रिबेट से ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आमदनी टैक्स-फ़्री हो जाती है — ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटने के बाद करीब ₹12.75 लाख की सैलरी। पुरानी रिजीम तभी जीतती है जब आपकी कटौतियाँ बड़ी हों: ₹25 लाख या उससे ज़्यादा की सैलरी पर उसके सस्ते पड़ने के लिए करीब ₹8 लाख की कटौतियाँ चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों और बिज़नेस वालों के अपने नियम हैं, जो नीचे दिए हैं। पक्का जानने का एक ही तरीक़ा है — अपने आँकड़ों पर दोनों निकालिए।

आप किस साल के लिए फ़ैसला कर रहे हैं?

इस समय दो टैक्स साल एक साथ चल रहे हैं, और दोनों अलग-अलग क़ानूनों के तहत आते हैं:

नीचे दिए स्लैब, रिबेट और हर कटौती की सीमा दोनों सालों में एक जैसी है। बदले हैं तो सिर्फ़ धाराओं के नंबर:

क्या हैआयकर अधिनियम, 1961 (FY 2025-26)आयकर अधिनियम, 2025 (FY 2026-27)
नई रिजीमधारा 115BACधारा 202
रिबेटधारा 87Aधारा 156
स्टैंडर्ड डिडक्शनधारा 16(ia)धारा 19(1), टेबल क्रम सं. 2
PF, PPF, ELSS, जीवन बीमाधारा 80Cधारा 123, अनुसूची XV के साथ
हेल्थ इंश्योरेंसधारा 80Dधारा 126
होम लोन का ब्याजधारा 24(b)धारा 22(1)(b)

नई रिजीम: स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन और रिबेट

टैक्स योग्य आमदनीदर
₹4,00,000 तकशून्य
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,000 से ऊपर30%

स्लैब के ऊपर तीन चीज़ें और लगती हैं:

₹12 लाख से ज़रा ऊपर मार्जिनल राहत। ₹12 लाख पार करते ही पूरे स्लैब का टैक्स नहीं लगता: टैक्स उतना ही हो सकता है जितनी आमदनी ₹12 लाख से ऊपर है। ₹13 लाख की सैलरी पर टैक्स योग्य आमदनी ₹12.25 लाख बनती है, यानी सीमा से ₹25,000 ऊपर, इसलिए टैक्स ₹63,750 की जगह ₹25,000 और सेस है। FY 2025-26 के लिए विभाग के रिटर्न नियम इस राहत का अंत ₹12,70,590 की कुल आमदनी पर बताते हैं।

₹13 लाख सैलरी, कोई कटौती नहींसेस सहित टैक्स
नई रिजीम (₹12,25,000 टैक्स योग्य, मार्जिनल राहत)₹26,000
पुरानी रिजीम (₹12,50,000 टैक्स योग्य)₹1,95,000

पुरानी रिजीम: उम्र के हिसाब से स्लैब, और उसकी कटौतियाँ

पुरानी रिजीम में तीन स्लैब टेबल हैं। बड़ी उम्र वाली दो टेबल निवासी वरिष्ठ नागरिकों के लिए हैं।

दर60 से कम60 से 8080 और ज़्यादा
शून्य₹2,50,000 तक₹3,00,000 तक₹5,00,000 तक
5%₹2,50,001 – ₹5,00,000₹3,00,001 – ₹5,00,000—
20%₹5,00,001 – ₹10,00,000₹5,00,001 – ₹10,00,000₹5,00,001 – ₹10,00,000
30%₹10,00,000 से ऊपर₹10,00,000 से ऊपर₹10,00,000 से ऊपर

यहाँ स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है, और ₹5,00,000 तक की कुल आमदनी पर ₹12,500 तक का रिबेट मिलता है। ₹5 करोड़ तक सरचार्ज की दरें नई रिजीम जैसी ही हैं; ₹5 करोड़ से ऊपर पुरानी रिजीम 37% लेती है, जबकि नई रिजीम 25% पर रुक जाती है — उसमें ₹5 करोड़ से ऊपर कोई अलग दर है ही नहीं।

पुरानी रिजीम को सोचने लायक़ बनाती हैं उसकी कटौतियाँ:

कटौतीधारा (1961 → 2025)सीमा
PF, PPF, ELSS, जीवन बीमा, होम लोन का मूलधन, ट्यूशन फ़ीस80C → 123कुल मिलाकर ₹1,50,000
अपना NPS योगदान, अलग से80CCD(1B) → 124(3)₹50,000
हेल्थ इंश्योरेंस80D → 126आप और परिवार के लिए ₹25,000, माता-पिता के लिए ₹25,000 और — वरिष्ठ नागरिक हों तो हर हिस्से में ₹50,000
होम लोन का ब्याज, अपने रहने वाला घर24(b) → 22(1)(b)₹2,00,000
हाउस रेंट अलाउंस10(13A) → अनुसूची IIIतीन सीमाओं में सबसे कम — देखिए HRA गाइड
एजुकेशन लोन का ब्याज80E → 129पूरा ब्याज, 8 साल तक
बचत खाते का ब्याज (60 से कम)80TTA → 153₹10,000
जमा पर ब्याज (वरिष्ठ नागरिक)80TTB → 153₹50,000
HRA न मिलने पर दिया किराया80GG → 134हर महीने ₹5,000, बाक़ी सीमाओं के भीतर
कुछ ख़ास बीमारियों का इलाज80DDB → 128₹40,000, वरिष्ठ नागरिक के लिए ₹1,00,000
दिव्यांगता (अपनी, या आश्रित की)80U → 154, 80DD → 127₹75,000, गंभीर दिव्यांगता पर ₹1,25,000

नई रिजीम में क्या अब भी मिलता है — और क्या नहीं

नई रिजीम ज़्यादातर कटौतियों के बिना आमदनी जोड़ती है। फिर भी इसमें मिलता है:

इसमें नहीं मिलतीं, और भी बहुत-सी कटौतियों के साथ: 80C, 80CCD(1B), 80D, 80DD, 80DDB, 80EE, 80EEA, 80G, 80TTA, 80TTB और 80U; HRA, लीव ट्रैवल कंसेशन और प्रोफ़ेशनल टैक्स; अपने रहने वाले घर के लोन का ब्याज; और हाउस प्रॉपर्टी के नुकसान को सैलरी से घटाना। FY 2026-27 के लिए 2025 के अधिनियम की धारा 202 इन्हें धारा-नंबर से रोकती है और उस अध्याय से सिर्फ़ चार कटौतियाँ रखती है: धारा 124(1), 124(2), 125(2) और 146।

पुरानी रिजीम को जीतने के लिए कितनी कटौती चाहिए?

60 से कम उम्र के नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए, यह पुरानी रिजीम की वह सबसे कम कुल कटौती है — स्टैंडर्ड डिडक्शन छोड़कर — जिस पर पुरानी रिजीम का टैक्स नई से ज़्यादा नहीं रहता:

सैलरीपुरानी रिजीम को चाहिए कटौतियाँनई रिजीम में टैक्स
₹10 लाख₹4,50,000₹0
₹12.75 लाख₹7,25,000₹0
₹15 लाख₹5,44,000₹97,500
₹20 लाख₹7,09,000₹1,92,400
₹25 लाख₹8,00,000₹3,19,800
₹30 लाख₹8,00,000₹4,75,800
₹50 लाख₹8,00,000₹10,99,800

दो बातें साफ़ दिखती हैं:

बहुत कम नौकरीपेशा लोग ₹8 लाख तक पहुँचते हैं: 80C की सीमा, अतिरिक्त NPS, हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन के ब्याज की सीमा मिलाकर HRA से पहले ₹4.25 लाख होते हैं।

नौकरीपेशा: हल किए गए उदाहरण

बड़ी कटौतियों के साथ ₹18 लाख की सैलरी — 80C में ₹1,50,000, 80CCD(1B) में ₹50,000 का NPS, ₹25,000 का हेल्थ इंश्योरेंस, ₹2,00,000 होम लोन का ब्याज और ₹2,40,000 की HRA छूट, कुल ₹6,65,000:

₹18 लाख सैलरी, ₹6,65,000 की कटौतियाँसेस सहित टैक्स
नई रिजीम (कटौतियाँ नहीं मिलतीं)₹1,50,800
पुरानी रिजीम₹1,43,520

पुरानी रिजीम थोड़े से अंतर से जीतती है — और सिर्फ़ इसलिए कि यह व्यक्ति HRA और होम लोन दोनों क्लेम करता है।

₹60 लाख की सैलरी, पुरानी रिजीम में ₹4,50,000 की कटौतियों के साथ। दोनों रिजीम में 10% सरचार्ज लगता है:

₹60 लाख सैलरी, ₹4,50,000 की कटौतियाँसरचार्ज और सेस सहित टैक्स
नई रिजीम₹15,52,980
पुरानी रिजीम₹16,73,100
अपने ही आँकड़ों पर दोनों रिजीम की तुलना कीजिए
साल चुनिए, अपनी आमदनी और कटौतियाँ डालिए, और दोनों रिजीम का टैक्स आमने-सामने देखिए।
इनकम टैक्स कैलकुलेटर खोलिए →

वरिष्ठ नागरिक और पेंशनभोगी

उदाहरण: ₹9,00,000 की पेंशन और ₹1,50,000 का फ़िक्स्ड डिपॉज़िट ब्याज, पुरानी रिजीम में 80TTB के ₹50,000 और 80D के ₹50,000 के साथ।

उम्र 68: ₹10.5 लाख पेंशन और ब्याजसेस सहित टैक्स
नई रिजीम (₹9,75,000 टैक्स योग्य, रिबेट के भीतर)₹0
पुरानी रिजीम₹93,600
यही आँकड़े, उम्र 82सेस सहित टैक्स
नई रिजीम₹0
पुरानी रिजीम₹83,200

करीब ₹12.75 लाख से कम आमदनी वाले ज़्यादातर पेंशनभोगियों के लिए, पुरानी रिजीम के वरिष्ठ-लाभों के बाद भी नई रिजीम सस्ती पड़ती है।

बिज़नेस करने वाले और पेशेवर

रिजीम बदलने का नियम सख़्त है। बिज़नेस की आमदनी न हो तो आप हर साल नए सिरे से कोई भी रिजीम चुन सकते हैं। बिज़नेस या पेशे की आमदनी हो तो:

अनुमानित आय। 44ADA में पेशेवर की प्राप्तियों के 50% पर टैक्स लगता है, और 44AD में छोटे बिज़नेस की बैंक और डिजिटल तरीक़ों से मिली प्राप्तियों के 6% और बाक़ी के 8% पर। FY 2026-27 में ये स्कीमें पेशे की ₹50 लाख तक की प्राप्तियों और बिज़नेस के ₹2 करोड़ तक के टर्नओवर पर खुली हैं — नक़द प्राप्तियाँ 5% के भीतर हों तो ₹75 लाख और ₹3 करोड़।

उदाहरण: 44ADA में ₹40,00,000 की प्राप्तियों वाला कंसल्टेंट, पुरानी रिजीम में 80C के ₹1,50,000 और ₹50,000 के हेल्थ इंश्योरेंस के साथ। यह सैलरी नहीं है, इसलिए स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं मिलता।

44ADA, ₹40 लाख की प्राप्तियाँरकम
टैक्स लगने वाली आमदनी (प्राप्तियों का 50%)₹20,00,000
नई रिजीम, सेस सहित टैक्स₹2,08,000
पुरानी रिजीम, सेस सहित टैक्स₹3,66,600

क्योंकि वापसी सिर्फ़ एक बार हो सकती है, इसलिए सिर्फ़ इस साल नहीं, अगले कुछ सालों को सोचकर तुलना कीजिए। इनकम टैक्स कैलकुलेटर में 44AD और 44ADA के लिए अलग हिस्सा है।

रिजीम कैसे और कब चुनते हैं

इन ग़लतियों से बचिए

अपने आँकड़ों के लिए कैलकुलेटर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नई रिजीम में ₹12 लाख तक की आमदनी टैक्स-फ़्री है?

हाँ, अगर आप निवासी व्यक्ति हैं। रिबेट ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आमदनी का टैक्स ख़त्म कर देता है, FY 2025-26 और FY 2026-27 दोनों में। ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ करीब ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगता।

रिबेट में मार्जिनल राहत क्या है?

₹12 लाख की टैक्स योग्य आमदनी से ज़रा ऊपर, नई रिजीम का टैक्स उतनी ही रकम तक सीमित रहता है जितनी आमदनी ₹12 लाख से ऊपर है, ताकि आमदनी में थोड़ी बढ़ोतरी पर उस बढ़ोतरी से ज़्यादा टैक्स न लगे।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए कौन-सी रिजीम बेहतर है?

करीब ₹12.75 लाख से कम आमदनी वाले ज़्यादातर पेंशनभोगियों के लिए नई रिजीम: वहाँ तक वह कोई टैक्स नहीं लेती, इसलिए पुरानी रिजीम की बड़ी शून्य-टैक्स सीमा और वरिष्ठ-कटौतियाँ ज़्यादा से ज़्यादा बराबरी पर ला सकती हैं। उससे ऊपर, या बड़ी कटौतियों के साथ, दोनों की तुलना कीजिए।

क्या मैं हर साल पुरानी और नई रिजीम के बीच बदल सकता हूँ?

हाँ, अगर आपकी बिज़नेस या पेशे की आमदनी नहीं है: आप हर साल आख़िरी तारीख तक भरे रिटर्न में चुनते हैं। बिज़नेस की आमदनी हो तो चुनाव आख़िरी तारीख तक होता है, आगे के सालों पर लागू रहता है, और सिर्फ़ एक बार पलटा जा सकता है।

क्या नियोक्ता को अपनी रिजीम बताना ज़रूरी है?

नियोक्ता हर साल पूछता है कि आप कौन-सी रिजीम चाहते हैं, और उसी हिसाब से आपकी सैलरी से TDS काटता है। न बताने पर TDS नई रिजीम से कटता है। यह ख़ुद चुनाव नहीं है: चुनाव अलग से रिटर्न में होता है, या FY 2025-26 में बिज़नेस की आमदनी हो तो Form 10-IEA से। नियम CBDT का सर्कुलर नं. 4/2023 है, जो 1961 के अधिनियम के तहत जारी हुआ।

Form 10-IEA क्या है?

यह वह फ़ॉर्म है जो बिज़नेस या पेशे की आमदनी वाला व्यक्ति रिटर्न की आख़िरी तारीख तक भरकर नई रिजीम से पुरानी में जाता है — FY 2025-26 के लिए, 1961 के अधिनियम के तहत। जीवन में एक बार वाली वापसी के लिए भी यही फ़ॉर्म इस्तेमाल होता है।

क्या देर से रिटर्न भरने पर पुरानी रिजीम चुन सकते हैं?

FY 2025-26 के लिए नहीं, अगर बिज़नेस की आमदनी नहीं है: पुरानी रिजीम के लिए रिटर्न आख़िरी तारीख तक भरा होना चाहिए, या उसी का संशोधन हो। देर से भरे रिटर्न पर नई रिजीम से टैक्स लगता है।

44ADA वाले पेशेवर के लिए कौन-सी रिजीम ठीक है?

आम तौर पर नई। पेशेवर के पास उसमें खोने को न स्टैंडर्ड डिडक्शन है न HRA, इसलिए पुरानी रिजीम को बराबरी के लिए 80C और 80D जैसी बड़ी कटौतियाँ चाहिए। दोनों की तुलना कीजिए, और याद रखिए कि नई रिजीम में वापसी सिर्फ़ एक बार हो सकती है।

नई रिजीम में कौन-सी कटौतियाँ मिलती हैं?

मुख्य रूप से ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और सैलरी के 14% तक नियोक्ता का NPS योगदान। 80C, 80D, HRA, अपने रहने वाले घर के होम लोन का ब्याज और बाक़ी ज़्यादातर कटौतियाँ सिर्फ़ पुरानी रिजीम में मिलती हैं।

क्या FY 2026-27 में स्लैब बदले हैं?

नहीं। FY 2026-27 आयकर अधिनियम, 2025 के तहत आता है, जिसने धाराओं के नंबर बदले हैं — नई रिजीम धारा 202 है और रिबेट धारा 156 — पर स्लैब, रिबेट और कटौतियों की सीमाएँ FY 2025-26 जैसी ही हैं।

क्या नई रिजीम में HRA क्लेम हो सकता है?

नहीं। HRA की छूट सिर्फ़ पुरानी रिजीम में मिलती है, दोनों सालों में।

यह FY 2026-27 और FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। हर बजट में दरें और नियम बदल सकते हैं — अगला बजट 1 फ़रवरी 2027 को आना है — इसलिए फाइल करने से पहले पुष्टि कीजिए, और अपनी स्थिति के लिए किसी टैक्स पेशेवर से सलाह लीजिए।