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इनकम टैक्स कैलकुलेटर — पुरानी बनाम नई व्यवस्था (AY 2026-27)

🔒 गणना आपके ब्राउज़र में ही — कुछ भी अपलोड नहीं होता

FY 2025-26 की अपनी आय और छूटें डालिए, और दोनों व्यवस्थाओं का टैक्स तुरंत मिलाकर देखिए — साथ ही यह भी कि किसमें ज़्यादा बचत है।

वह पूरी आय जिस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है — सैलरी, ब्याज, किराये की आय, बिज़नेस/अन्य आय। (क्रिप्टो नीचे अलग ख़ाने में डालिए; कैपिटल गेन की दरें अलग होती हैं।)
पुरानी व्यवस्था की छूटें (वैकल्पिक — ये सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था का टैक्स घटाती हैं)

जो छूटें आप लेते हैं वे जोड़िए। इनमें से ज़्यादातर नई व्यवस्था में लागू नहीं होतीं।

AY 2026-27 के लिए पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था की तुलना

इस साल पुरानी या नई, कौन-सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए सस्ती पड़ेगी — तय नहीं कर पा रहे? FY 2025-26 की अपनी कुल आय डालिए (सैलरी, ब्याज, किराया वग़ैरह सभी स्रोतों से), अपनी छूटें जोड़िए, और यह मुफ़्त कैलकुलेटर दोनों व्यवस्थाओं का टैक्स निकाल देगा — स्टैंडर्ड डिडक्शन, धारा 87A की छूट, 4% सेस और नियोक्ता का NPS योगदान (जो दोनों व्यवस्थाओं में मिलता है) सब जोड़कर। फिर यह बता देता है कि कौन-सी सस्ती है। सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है, इसलिए आपकी जानकारी डिवाइस से बाहर नहीं जाती।

यह टूल कौन इस्तेमाल करता है

नौकरीपेशा लोग जो तय कर रहे हैं कि पुरानी व्यवस्था में रहें या नई में जाएँ; फ़्रीलांसर और स्व-रोज़गार वाले जो एडवांस टैक्स का अंदाज़ा लगा रहे हैं; और HR टीमें जो कर्मचारियों को उनका CTC समझाती हैं।

इस्तेमाल कैसे करें

  1. अपनी सालाना आय डालिए (स्लैब वाले सभी स्रोत), और क्रिप्टो से लाभ हो तो अलग ख़ाने में।
  2. अपनी उम्र चुनिए, स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए "नौकरीपेशा" टिक रहने दीजिए, और नियोक्ता का NPS योगदान जोड़िए।
  3. 80C, 80D, HRA, होम लोन का ब्याज वगैरह जोड़ने के लिए "पुरानी व्यवस्था की छूटें" खोलिए, फिर दबाइए गणना कीजिए और तुलना देखिए.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नई व्यवस्था में कौन-सी छूटें मिलती हैं?

मुख्य रूप से ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और 80CCD(2) के तहत नियोक्ता का NPS योगदान (बेसिक सैलरी के 14% तक)। 80C, 80D, HRA और बाक़ी ज़्यादातर छूटें सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती हैं।

कौन-सी आय डालनी है?

वह पूरी आय जिस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है — सैलरी, ब्याज, किराया और अन्य आय। क्रिप्टो/VDA का लाभ अलग ख़ाने में जाता है (सीधे 30%); शेयर या प्रॉपर्टी के कैपिटल गेन की दरें अलग होती हैं।

क्या नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ्री है?

हाँ — धारा 87A की छूट से ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, और उससे थोड़ा ऊपर मार्जिनल राहत मिलती है। ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ करीब ₹12.75 लाख तक कमाने वाले नौकरीपेशा को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।

कौन-सी व्यवस्था चुनें?

नई व्यवस्था में दरें कम हैं पर छूटें बहुत कम मिलती हैं; बड़ी छूटें लेते हों तो पुरानी व्यवस्था बेहतर पड़ती है। यह टूल दोनों का हिसाब लगाकर बताता है कि किसमें ज़्यादा बचत है।

क्या मेरा डेटा कहीं भेजा जाता है?

नहीं। गणना पूरी तरह आपके ब्राउज़र में होती है; आपने जो भरा वह कहीं अपलोड नहीं होता।