आपके HRA का कितना हिस्सा टैक्स-फ्री है?
अगर आप किराये के घर में रहते हैं और आपको हाउस रेंट अलाउंस मिलता है, तो पुरानी टैक्स व्यवस्था की धारा 10(13A) के तहत उसका एक हिस्सा टैक्स से छूट पाता है। छूट इन तीनों में से सबसे कम रकम के बराबर होती है: आपको असल में मिला HRA; दिया गया किराया घटा सैलरी का 10%; और सैलरी का 50% (मेट्रो) या 40% (नॉन-मेट्रो)। यह कैलकुलेटर तुरंत हिसाब लगा देता है — पूरी तरह आपके ब्राउज़र में।
यह टूल कौन इस्तेमाल करता है
नौकरीपेशा लोग जो जानना चाहते हैं कि कितना HRA टैक्स-फ्री दिखा सकते हैं; HR टीमें जो नए लोगों को टेक-होम समझाती हैं; और वे सब जिन्हें फाइलिंग से पहले HRA का टैक्स लगने वाला हिस्सा पता करना है।
इस्तेमाल कैसे करें
- अपनी सालाना बेसिक सैलरी डालिए (DA मिलता हो तो उसे अलग ख़ाने में)।
- साल भर में मिला HRA और दिया गया कुल किराया डालिए।
- मेट्रो या नॉन-मेट्रो चुनकर HRA छूट निकालें दबाइए — टैक्स-फ्री और टैक्स लगने वाला हिस्सा दिख जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
HRA की छूट कैसे निकाली जाती है?
इन तीनों में से सबसे कम: असल में मिला HRA; दिया गया किराया घटा सैलरी (बेसिक + DA) का 10%; और सैलरी का 50% (मेट्रो) या 40% (नॉन-मेट्रो)।
कौन-से शहर मेट्रो में गिने जाते हैं?
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई (सैलरी का 50%)। बाक़ी सब नॉन-मेट्रो हैं (40%)।
क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA की छूट मिलती है?
नहीं — HRA की छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है। दोनों की तुलना हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर से कीजिए।
क्या किराया रसीदें ज़रूरी हैं?
हाँ — किराया रसीदें सँभालकर रखिए (और सालाना किराया ₹1,00,000 से ज़्यादा हो तो मकान-मालिक का PAN भी दीजिए)। रसीदें हमारे रेंट रिसीट जनरेटर से बना लीजिए।