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HRA कैसे क्लेम करें: किराए की रसीदें, नियम और प्रमाण

अपडेट: 4 अक्टूबर 2026 · पढ़ने में करीब 7 मिनट

सीधा जवाब: आपका टैक्स-फ़्री HRA तीन रकमों में से सबसे कम होता है — (1) आपको सचमुच मिलने वाला HRA, (2) चुकाया गया किराया घटा सैलरी का 10%, और (3) सैलरी का 50% अगर घर नियमों में गिनाए गए शहरों में है, वरना 40%। यह छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स रिजीम में मिलती है, और इसके लिए किराए की रसीदें चाहिए — साथ ही सालाना किराया ₹1,00,000 पार करे तो मकान मालिक का PAN भी। अगर आपको मिलने वाला HRA ₹3,000 प्रति महीने तक है, तो नियोक्ता को रसीदें माँगना ज़रूरी नहीं — हालाँकि आयकर अधिकारी फिर भी माँग सकते हैं।

HRA है क्या?

हाउस रेंट अलाउंस आपकी सैलरी का वह हिस्सा है जो किराए के लिए दिया जाता है। अगर आप सचमुच किराया चुकाते हैं, तो उस भत्ते का एक हिस्सा टैक्स से मुक्त होता है — FY 2026-27 से आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची III के तहत, और FY 2025-26 के लिए 1961 के अधिनियम की Section 10(13A) के तहत। असली शब्द यहाँ हिस्सा है — छूट एक फ़ॉर्मूले से तय होती है, पूरा HRA नहीं।

सबसे कम वाला नियम

आपकी छूट वाली HRA रकम इन तीनों में से सबसे कम होती है:

  1. नियोक्ता से सचमुच मिला HRA।
  2. चुकाया गया किराया − सैलरी का 10%।
  3. घर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद या बेंगलुरु में है तो सैलरी का 50%, वरना 40%। आख़िरी चार शहर FY 2026-27 से आयकर नियम, 2026 के नियम 279 ने जोड़े, इसलिए FY 2025-26 का रिटर्न संशोधित करते समय वहाँ अब भी 40% लगता है।

यहाँ सैलरी = बेसिक पे + महंगाई भत्ता (वह हिस्सा जो रिटायरमेंट लाभों में गिना जाता है) + टर्नओवर के तय प्रतिशत के रूप में मिलने वाला कमीशन। छूट के बाद आपके HRA का जो बचता है, वह आपकी टैक्स योग्य आमदनी में जुड़ जाता है।

अपनी सही छूट निकालिए
अपनी सैलरी, HRA और किराया डालिए — कैलकुलेटर टैक्स-फ़्री और टैक्स योग्य हिस्सा दिखाएगा, और यह भी कि तीनों में से कौन-सी सीमा लागू हो रही है।
HRA कैलकुलेटर खोलिए →

वे प्रमाण जो नियोक्ता (और आयकर विभाग) माँगेंगे

किराए की रसीदें चाहिए?
हर महीने की साफ़-सुथरी रसीदें एक ही PDF में बनाइए — एक बार भरिए, प्रिंट कीजिए, सिग्नेचर करवा लीजिए।
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एक सही किराया रसीद में क्या होना चाहिए

रेवेन्यू स्टांप: ₹5,000 से ऊपर के नकद भुगतान की रसीद पर ज़रूरी है — बैंक ट्रांसफ़र या UPI से दिए गए किराए पर नहीं।

मासिक, तिमाही या सालाना: नियोक्ता मासिक रसीदें भी लेते हैं और तिमाही या सालाना एक इकट्ठी रसीद भी — कुछ मासिक रसीदें ही माँगते हैं, इसलिए अपनी HR पॉलिसी देख लीजिए। फ़ॉर्मैट कोई भी हो, ऊपर बताई गई सारी चीज़ें रसीद में होनी ही चाहिए, और जिन-जिन महीनों का क्लेम कर रहे हैं, उन सबकी रसीदें क्रम से सँभालकर रखिए।

बिना किराया रसीद के HRA क्लेम

CBDT के मार्गदर्शन के अनुसार, आपको मिलने वाला HRA ₹3,000 प्रति महीने तक हो तो नियोक्ता को रसीदें माँगना ज़रूरी नहीं — पैमाना आपका HRA है, आपका किराया नहीं। इससे ऊपर रसीदें अपेक्षित होती हैं। यह छूट सिर्फ़ नियोक्ता की TDS कटौती के लिए है: आकलन के समय आयकर अधिकारी फिर भी किराए का प्रमाण माँग सकते हैं।

दोनों ही हाल में क्लेम मज़बूत रखने के लिए: बैंक ट्रांसफ़र या UPI से भुगतान कीजिए ताकि पैसे का रिकॉर्ड बने, रेंट एग्रीमेंट रखिए, और हर महीने की रसीदें सँभालकर रखिए। ITR के साथ कोई रसीद नहीं लगती, पर पूछे जाने पर आपको उन्हें दिखा पाना चाहिए।

आम स्थितियाँ

याद रखिए: सिर्फ़ पुरानी रिजीम में

नई टैक्स रिजीम में HRA की छूट नहीं मिलती। इस पर भरोसा करने से पहले देख लीजिए कि कुल मिलाकर पुरानी रिजीम आपके लिए सचमुच सस्ती पड़ती है या नहीं — हमारी पुरानी बनाम नई टैक्स रिजीम वाली गाइड देखिए, या सीधे इनकम टैक्स कैलकुलेटर में तुलना कीजिए।

जानने लायक बातें

ये इनकम-टैक्स नियमों और नियोक्ताओं की TDS प्रक्रिया के तहत आम तौर पर लागू होने वाले नियम हैं। आपके नियोक्ता की पेरोल टीम इनसे ज़्यादा सख़्त हो सकती है, और प्रमाण जमा करने का उसका अपना फ़ॉर्मैट और आख़िरी तारीख़ (आम तौर पर दिसंबर–जनवरी) होती है — अपने HR पोर्टल की शर्तें देख लीजिए, और असली प्रमाण सँभालकर रखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

HRA की छूट कैसे निकाली जाती है?

आपका टैक्स-फ़्री HRA तीन रकमों में से सबसे कम होता है: सचमुच मिला HRA; चुकाया गया किराया घटा सैलरी का 10%; और घर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद या बेंगलुरु में हो तो सैलरी का 50% (FY 2026-27 से पहले सिर्फ़ पहले चार शहरों में), बाक़ी जगह 40%।

क्या HRA क्लेम करने के लिए मकान मालिक का PAN चाहिए?

हाँ, अगर साल भर में चुकाया गया किराया ₹1,00,000 से ज़्यादा है — और तब PAN के साथ मकान मालिक का नाम और पता भी देना होता है। उनके बिना नियोक्ता छूट सीमित कर देगा और ज़्यादा TDS काटेगा। इससे कम पर आम तौर पर किराए की रसीदें ही काफ़ी होती हैं।

क्या बिना किराया रसीद के HRA क्लेम हो सकता है?

अगर आपको मिलने वाला HRA ₹3,000/महीना तक है, तो नियोक्ता को रसीदें माँगना ज़रूरी नहीं — ध्यान रहे, पैमाना आपका HRA है, चुकाया गया किराया नहीं। इससे आगे रसीदें देनी पड़ सकती हैं। दोनों ही हाल में यह छूट सिर्फ़ नियोक्ता की TDS कटौती तक सीमित है: आकलन के समय अधिकारी किराए का प्रमाण माँग सकते हैं, इसलिए भुगतान का असली रिकॉर्ड रखिए।

क्या किराए की रसीद पर रेवेन्यू स्टांप ज़रूरी है?

सिर्फ़ तब, जब एक रसीद पर नकद भुगतान ₹5,000 से ऊपर हो। बैंक ट्रांसफ़र या UPI से दिए गए किराए पर रेवेन्यू स्टांप की ज़रूरत नहीं होती।

क्या मैं पूरे साल की एक ही किराया रसीद दे सकता हूँ?

कई नियोक्ता सारी ज़रूरी जानकारी वाली एक सालाना या तिमाही रसीद स्वीकार कर लेते हैं; कुछ मासिक रसीदें ही माँगते हैं — अपनी HR पॉलिसी देख लीजिए।

क्या ITR के साथ किराए की रसीदें लगानी होती हैं?

नहीं — ITR के साथ कोई दस्तावेज़ नहीं लगता। लेकिन क्लेम सच्चा होना चाहिए, और पूछताछ की स्थिति के लिए रसीदें, एग्रीमेंट और बैंक प्रमाण आपके पास होने चाहिए।

क्या नई टैक्स रिजीम में HRA क्लेम हो सकता है?

नहीं। HRA की छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स रिजीम में मिलती है। कारोबारी आय न हो तो पुरानी रिजीम सिर्फ़ आख़िरी तारीख तक भरे रिटर्न में चुनी जा सकती है, इसलिए देर से भरे रिटर्न में HRA की छूट नहीं मिलती।

क्या माता-पिता को दिए किराए पर HRA क्लेम हो सकता है?

हाँ, अगर मकान के मालिक माता या पिता हैं और आप सचमुच उन्हें किराया देते हैं। भुगतान का प्रमाण और किराए की रसीदें रखिए, और याद रखिए कि वह किराया आपके माता-पिता की आमदनी में टैक्स योग्य होता है।

यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। नियम बदल सकते हैं — मौजूदा आयकर अधिनियम से मिलान कीजिए और अपनी स्थिति के लिए किसी पेशेवर से सलाह लीजिए।