उत्तर प्रदेश में कौन से दस्तावेज़ चाहिए
- परिवार की मुखिया की फोटो
- बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी
- आधार कार्ड की कॉपी
- मुखिया समेत परिवार के सभी सदस्यों की फोटो
यह लिस्ट उत्तर प्रदेश के अपने आवेदन फ़ॉर्म के दूसरे पन्ने पर छपी है, और ग्रामीण तथा शहरी दोनों फ़ॉर्म पर एक जैसी है। फ़ॉर्म में ये चीज़ें भी अनिवार्य हैं — मुखिया का आधार (या नामांकन) नंबर, मुखिया का वोटर आईडी नंबर, IFSC सहित बैंक खाता, परिवार की कुल सालाना आय, गैस कनेक्शन की जानकारी, और हर सदस्य का आधार नंबर।
उत्तर प्रदेश में आवेदन कैसे करें
आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (ई-साथी) से होता है, जिसके लिए लॉगिन चाहिए। आवेदन फ़ॉर्म खुद PDF के रूप में खुले में उपलब्ध है, इसलिए खाता बनाने से पहले ही आप पूरी लिस्ट पढ़कर फ़ॉर्म भर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के खाद्य विभाग का आधिकारिक पोर्टल →
उत्तर प्रदेश में किसे कार्ड नहीं मिल सकता
अगर परिवार में कोई आयकर देता है, या परिवार के पास चार पहिया वाहन, एसी, या 5 केवीए या उससे बड़ा जनरेटर है, तो कार्ड नहीं बनेगा — गाँव में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर भी इसमें गिने जाते हैं। शहर में 100 वर्ग मीटर से बड़ा आवासीय प्लॉट या फ्लैट, या 80 वर्ग मीटर या उससे बड़ी व्यावसायिक जगह होने पर भी परिवार बाहर हो जाता है। गाँव में पैमाना ज़मीन है — 5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित ज़मीन, हालाँकि बुंदेलखंड और सोनभद्र ज़िले में कैमूर पर्वत के दक्षिणी हिस्से में यह सीमा 7.5 एकड़ है। आय की सीमा शहर में ₹3 लाख सालाना और गाँव में ₹2 लाख है।
क्या मिलता है, और कितने में
कितना अनाज मिलेगा, यह कार्ड पर निर्भर करता है, राज्य पर नहीं। अंत्योदय (AAY) परिवार को पूरे परिवार के लिए महीने में 35 किलो मिलता है। प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) को प्रति सदस्य 5 किलो महीना मिलता है, इसलिए कुल कितना मिलेगा यह इस पर निर्भर है कि कार्ड पर कितने सदस्य हैं।
इसका कोई दाम नहीं लगता। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज 1 जनवरी 2023 से मुफ़्त है, और 1 जनवरी 2024 से यह अवधि पाँच साल के लिए बढ़ा दी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
उत्तर प्रदेश में नए राशन कार्ड के लिए: परिवार की मुखिया की फोटो; बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी; आधार कार्ड की कॉपी; मुखिया समेत परिवार के सभी सदस्यों की फोटो। यह वही लिस्ट है जो उत्तर प्रदेश का अपना विभाग बताता है — दूसरे राज्य अलग चीज़ें माँगते हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन का कितना दाम लगता है?
कुछ नहीं। अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवारों को अनाज 1 जनवरी 2023 से मुफ़्त मिल रहा है, और 1 जनवरी 2024 से यह अवधि पाँच साल के लिए बढ़ा दी गई। चावल ₹3 किलो, गेहूँ ₹2 और मोटा अनाज ₹1 — जो दाम ज़्यादातर वेबसाइटों पर लिखे मिलते हैं — वे अनुसूची एक के दाम हैं, जो 2013 में अधिनियम लागू होने से सिर्फ़ तीन साल तक के लिए तय किए गए थे।
राशन कार्ड किसके नाम पर बनता है?
कार्ड जारी करने के लिए परिवार की मुखिया वह सबसे बड़ी उम्र की महिला होती है जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा हो। अगर परिवार में 18 साल या उससे ऊपर की कोई महिला नहीं है, तो सबसे बड़ी उम्र का पुरुष सदस्य मुखिया होता है — और जब कोई महिला सदस्य 18 साल की हो जाती है, तो उसकी जगह वह मुखिया बन जाती है।
उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (ई-साथी) से होता है, जिसके लिए लॉगिन चाहिए। आवेदन फ़ॉर्म खुद PDF के रूप में खुले में उपलब्ध है, इसलिए खाता बनाने से पहले ही आप पूरी लिस्ट पढ़कर फ़ॉर्म भर सकते हैं।
2026-08-11 को राज्य के अपने पोर्टल, फ़ॉर्म या राजपत्र से जाँचा गया। राज्य के नियम बदलते रहते हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि कर लीजिए।