बिहार में कौन से दस्तावेज़ चाहिए
- परिवार की फोटो
- आवेदक के सिग्नेचर की फोटो
- एक मिलाकर बनाई गई स्व-प्रमाणित PDF, जिसमें बैंक पासबुक का पहला पन्ना, निवास का प्रमाण और हर सदस्य का आधार हो
- आय प्रमाण पत्र, अलग फ़ाइल में अपलोड करें
- जाति प्रमाण पत्र, अलग फ़ाइल में — सामान्य श्रेणी के अलावा सभी के लिए ज़रूरी (सिर्फ़ तब, जब आप पर लागू हो)
बिहार में पाँच अपलोड लगते हैं। आय और जाति प्रमाण पत्र को छोड़कर बाकी सब स्कैन करके एक ही फ़ाइल में मिलाने होते हैं, और हर दस्तावेज़ पर आवेदक और सदस्यों के स्व-प्रमाणन ज़रूरी हैं। तीन बातें लोगों को अटकाती हैं — पंजीयन का नाम आधार से मिलना चाहिए और वह अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों में भरा जाता है, ग्रामीण या शहरी का चुनाव एक ही बार होता है और बदला नहीं जा सकता, और अंतिम सबमिशन के बाद कुछ भी बदला नहीं जा सकता।
बिहार में आवेदन कैसे करें
बिहार में पूरा आवेदन आप खुद ऑनलाइन करते हैं। राज्य के अपने राशन कार्ड पोर्टल पर पंजीयन कीजिए, लॉगिन कीजिए, आवेदक की जानकारी भरिए, हर सदस्य को जोड़िए, दस्तावेज़ अपलोड कीजिए और जमा कर दीजिए। आवेदन शुरू करने के 30 दिन के अंदर अंतिम सबमिशन करना ज़रूरी है, और एक बार जमा होने के बाद कुछ भी जोड़ा, बदला या हटाया नहीं जा सकता।
बिहार के खाद्य विभाग का आधिकारिक पोर्टल →
क्या मिलता है, और कितने में
कितना अनाज मिलेगा, यह कार्ड पर निर्भर करता है, राज्य पर नहीं। अंत्योदय (AAY) परिवार को पूरे परिवार के लिए महीने में 35 किलो मिलता है। प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) को प्रति सदस्य 5 किलो महीना मिलता है, इसलिए कुल कितना मिलेगा यह इस पर निर्भर है कि कार्ड पर कितने सदस्य हैं।
इसका कोई दाम नहीं लगता। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज 1 जनवरी 2023 से मुफ़्त है, और 1 जनवरी 2024 से यह अवधि पाँच साल के लिए बढ़ा दी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार में राशन कार्ड के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
बिहार में नए राशन कार्ड के लिए: परिवार की फोटो; आवेदक के सिग्नेचर की फोटो; एक मिलाकर बनाई गई स्व-प्रमाणित PDF, जिसमें बैंक पासबुक का पहला पन्ना, निवास का प्रमाण और हर सदस्य का आधार हो; आय प्रमाण पत्र, अलग फ़ाइल में अपलोड करें; जाति प्रमाण पत्र, अलग फ़ाइल में — सामान्य श्रेणी के अलावा सभी के लिए ज़रूरी। यह वही लिस्ट है जो बिहार का अपना विभाग बताता है — दूसरे राज्य अलग चीज़ें माँगते हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन का कितना दाम लगता है?
कुछ नहीं। अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवारों को अनाज 1 जनवरी 2023 से मुफ़्त मिल रहा है, और 1 जनवरी 2024 से यह अवधि पाँच साल के लिए बढ़ा दी गई। चावल ₹3 किलो, गेहूँ ₹2 और मोटा अनाज ₹1 — जो दाम ज़्यादातर वेबसाइटों पर लिखे मिलते हैं — वे अनुसूची एक के दाम हैं, जो 2013 में अधिनियम लागू होने से सिर्फ़ तीन साल तक के लिए तय किए गए थे।
राशन कार्ड किसके नाम पर बनता है?
कार्ड जारी करने के लिए परिवार की मुखिया वह सबसे बड़ी उम्र की महिला होती है जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा हो। अगर परिवार में 18 साल या उससे ऊपर की कोई महिला नहीं है, तो सबसे बड़ी उम्र का पुरुष सदस्य मुखिया होता है — और जब कोई महिला सदस्य 18 साल की हो जाती है, तो उसकी जगह वह मुखिया बन जाती है।
बिहार में राशन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?
बिहार में पूरा आवेदन आप खुद ऑनलाइन करते हैं। राज्य के अपने राशन कार्ड पोर्टल पर पंजीयन कीजिए, लॉगिन कीजिए, आवेदक की जानकारी भरिए, हर सदस्य को जोड़िए, दस्तावेज़ अपलोड कीजिए और जमा कर दीजिए। आवेदन शुरू करने के 30 दिन के अंदर अंतिम सबमिशन करना ज़रूरी है, और एक बार जमा होने के बाद कुछ भी जोड़ा, बदला या हटाया नहीं जा सकता।
2026-08-11 को राज्य के अपने पोर्टल, फ़ॉर्म या राजपत्र से जाँचा गया। राज्य के नियम बदलते रहते हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि कर लीजिए।