अपनी एजुकेशन लोन की EMI निकालिए
एजुकेशन लोन पढ़ाई की फीस और रहने-खाने का ख़र्च उठाते हैं — अक्सर ₹4–20 लाख या उससे ज़्यादा — और चुकाने की अवधि 5–15 साल रहती है, करीब 9–12% सालाना ब्याज पर। ज़्यादातर लोन में मोरेटोरियम होता है (कोर्स के दौरान और उसके 6–12 महीने बाद तक चुकाने से छूट), पर उस दौरान भी ब्याज जुड़ता रहता है। अपनी लोन राशि, ब्याज दर और अवधि डालिए — EMI, कुल ब्याज और पूरा शेड्यूल दिख जाएगा। सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है।
यह टूल कौन इस्तेमाल करता है
वे छात्र और अभिभावक जो जानना चाहते हैं कि पढ़ाई के बाद हर महीने कितना देना होगा, और वे लोग जो बैंकों की तुलना कर रहे हैं या तय कर रहे हैं कि चुकाने की अवधि कितनी रखें।
इसे कैसे इस्तेमाल करें
- अपनी लोन राशि, ब्याज दर और अवधि डालिए।
- चाहें तो लोन शुरू होने का महीना डालिए ताकि शेड्यूल में असली तारीख़ें दिखें।
- EMI निकालें दबाइए और अपनी EMI, कुल ब्याज तथा साल-दर-साल शेड्यूल देखिए। किसी भी साल पर टैप करके उसके महीने खोलिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोरेटोरियम पीरियड क्या होता है?
कोर्स की अवधि और उसके 6–12 महीने बाद तक चुकाने से छूट। इस दौरान भी साधारण ब्याज जुड़ सकता है और लोन में जुड़ जाता है, इसलिए आपकी असल EMI इस अनुमान से थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।
क्या टैक्स में छूट मिलती है?
हाँ — पुरानी व्यवस्था में धारा 80E के तहत पूरा ब्याज 8 साल तक बिना किसी सीमा के घटाया जा सकता है। दोनों व्यवस्थाओं की तुलना इनकम टैक्स कैलकुलेटर से कीजिए।
अवधि कितनी हो सकती है?
आम तौर पर मोरेटोरियम के बाद 10–15 साल तक। अवधि लंबी करने पर EMI घटती है और कुल ब्याज बढ़ जाता है।
क्या इसमें मोरेटोरियम शामिल है?
नहीं — यह मानकर चलता है कि EMI अभी से शुरू हो रही है। ज़्यादा सही अनुमान के लिए जुड़ा हुआ ब्याज लोन राशि में जोड़ लीजिए।