पासपोर्ट रिन्यू (री-इशू): असल में किन कागज़ों की ज़रूरत है
छोटा जवाब: भारत में पासपोर्ट "रिन्यू" नहीं होता, री-इशू होता है — पुराने की जगह नई बुकलेट। आप एक्सपायरी से पहले के दस साल में कभी भी आवेदन कर सकते हैं, या एक्सपायरी के तीन साल बाद तक। सामान्य मामले में लगता बहुत कम है: पुराना पासपोर्ट, और पता बदला हो तभी पते का प्रमाण। 36 पेज की बुकलेट की फ़ीस ₹2,500 है, और वरिष्ठ नागरिकों वाली 10% छूट री-इशू पर नहीं मिलती।
रिन्यू, री-इशू, और शब्द का फ़र्क़
पासपोर्ट सेवा पर "रिन्यू" नाम की कोई सेवा है ही नहीं। आप जिसके लिए आवेदन करते हैं वह मौजूदा पासपोर्ट की जगह दूसरा पासपोर्ट है — नई बुकलेट, जिसे फ़ॉर्म री-इशू कहता है। लिपिकीय सुधार भी इसी रूप में लौटता है, हाथ में मौजूद पासपोर्ट पर मुहर लगाकर नहीं। आप Re-issue of Passport पर निशान लगाते हैं और वजह बताते हैं:
- पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है, या होने वाला है
- पिछला पासपोर्ट तीन साल से ज़्यादा पहले एक्सपायर हुआ था
- उसमें छपी निजी जानकारी बदलवानी है
- बुकलेट के पेज ख़त्म हो गए हैं
- पासपोर्ट खो गया है
- पासपोर्ट ख़राब हो गया है — या तो पहचान में न आने लायक, या पहचान में आने लायक
वजह कोई भी हो, जिस पासपोर्ट की जगह नया ले रहे हैं उसका ब्योरा फ़ॉर्म के कॉलम 6.1 में भरना होता है। खोए या ख़राब पासपोर्ट का ब्योरा भी वहीं जाता है।
आवेदन कब कर सकते हैं
समय-सीमा ज़्यादातर लोगों की सोच से कहीं बड़ी है। री-इशू का आवेदन एक्सपायरी से पहले के दस साल में और एक्सपायरी के तीन साल बाद तक किया जा सकता है — यानी व्यावहारिक रूप से पासपोर्ट की पूरी उम्र के दौरान, और उसके बाद तीन साल तक — और इसमें दोबारा पुलिस वेरिफ़िकेशन नहीं होता, बशर्ते पिछले पासपोर्ट की पुलिस रिपोर्ट साफ़ हो और सिस्टम में कोई प्रतिकूल प्रविष्टि न हो।
अगर पासपोर्ट को एक्सपायर हुए तीन साल से ज़्यादा हो चुके हैं, तो बुकलेट उसे अलग मामला मानती है। कागज़ वही लगते हैं, और जहाँ जारी होने के बाद वाला वेरिफ़िकेशन ज़रूरी हो वहाँ आउट-ऑफ़-टर्न वाले दस्तावेज़ भी: दी गई सूची में से कोई तीन — जिसमें आधार, वोटर ID, PAN, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक या डाकघर की पासबुक, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और आख़िरी जारी पासपोर्ट शामिल हैं।
री-इशू के लिए पासपोर्ट का एक्सपायर होना ज़रूरी नहीं। पेज ख़त्म होना, पता बदलना, नाम बदलना या बुकलेट ख़राब होना — हर वजह अपने आप में काफ़ी है, और हर एक री-इशू ही कहलाती है।
किस वजह में क्या लगता है
नीचे की हर पंक्ति पर दो बातें लागू होती हैं। पहली, पुराना पासपोर्ट ओरिजिनल में हमेशा ले जाना है, साथ में उसके पहले दो और आख़िरी दो पेज, ECR या नॉन-ECR वाला पेज, पासपोर्ट ऑफ़िस की कोई टिप्पणी वाला पेज, और शॉर्ट वैलिडिटी पासपोर्ट हो तो वैधता बढ़ाने वाला पेज — इन सबकी स्वयं-सत्यापित फोटोकॉपी। दूसरी, मौजूदा पते का प्रमाण तभी लगता है जब पता बदला हो।
| आपकी वजह | पुराने पासपोर्ट के अलावा |
|---|---|
| एक्सपायर हो चुका या होने वाला — समय-सीमा के भीतर | कुछ नहीं, बशर्ते पता न बदला हो |
| तीन साल से ज़्यादा पहले एक्सपायर हुआ | आउट-ऑफ़-टर्न वाले दस्तावेज़, अगर जारी होने के बाद वाला वेरिफ़िकेशन ज़रूरी हो |
| पेज ख़त्म — अतिरिक्त बुकलेट | कुछ नहीं, बशर्ते पता न बदला हो |
| शॉर्ट वैलिडिटी पासपोर्ट का री-इशू | वे कागज़ जो शॉर्ट वैलिडिटी की वजह ही ख़त्म कर दें |
| सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम या वैधानिक निकाय का मौजूदा कर्मचारी | NOC (Annexure G) और पूर्व सूचना पत्र (Annexure H) |
| सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी | पेंशन पेमेंट ऑर्डर |
| पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे छात्र, एक्सपायरी से दस साल तक | विदेश जाकर पढ़ने का प्रमाण — एडमिशन लेटर, वीज़ा आवेदन की कॉपी या बैंक लोन के कागज़ |
| ख़राब, पर नंबर पढ़ने लायक, नाम साफ़ और फोटो सही | जन्मतिथि का प्रमाण, और कैसे ख़राब हुआ इस पर हलफ़नामा (Annexure F) |
| खोया, चोरी हुआ, या पहचान में न आने लायक ख़राब | नीचे वाला हिस्सा देखिए — यह मामला अलग है |
नाम, जन्मतिथि या पता बदलवाना
पासपोर्ट में जो कुछ छपा है, वह एक ही तरीक़े से बदलता है: री-इशू से। पासपोर्ट की किसी प्रविष्टि को बुकलेट में लिखकर ठीक नहीं किया जाता — लिपिकीय ग़लती भी, जिसे पासपोर्ट अधिकारी सुधार सकते हैं, नए पासपोर्ट के रूप में ही वापस आती है।
| क्या बदलना है | पुराने पासपोर्ट के अलावा |
|---|---|
| शादी के बाद महिला का नाम या सरनेम बदलना | रजिस्ट्रार ऑफ़ मैरिज का सत्यापित विवाह प्रमाण पत्र, या दोनों पति-पत्नी का संयुक्त फोटो घोषणापत्र (Annexure J) |
| तलाक़शुदा या अलग रह रहे — नाम बदलना या जीवनसाथी का नाम हटवाना | तलाक़ का आदेश या डिक्री, अगर तलाक़ हुआ हो |
| दोबारा शादी — नाम या जीवनसाथी का नाम बदलना | विवाह प्रमाण पत्र या Annexure J, और पहले जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण पत्र या तलाक़ प्रमाण पत्र |
| नाम में छोटा बदलाव — ऐसी स्पेलिंग जिससे उच्चारण न बदले | कुछ नहीं |
| नाम में बड़ा बदलाव | दो स्थानीय अख़बारों की कतरनें या राज्य का गजट नोटिफ़िकेशन, और नए नाम के दो सार्वजनिक या स्कूली दस्तावेज़ |
| सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी का नाम बदलना | विभाग का गजट नोटिफ़िकेशन, और बदले नाम में नया पहचान प्रमाण पत्र |
| लिंग में बदलाव | शपथ-पत्र, और अस्पताल का प्रमाण पत्र |
| रूप-रंग में बदलाव | मौजूदा रूप दिखाती हालिया फोटो |
| जन्मतिथि बदलना या ठीक कराना | जन्मतिथि का प्रमाण |
| जन्मस्थान बदलना या ठीक कराना | हलफ़नामा और जन्मस्थान का प्रमाण, और राज्य या देश बदलने पर मजिस्ट्रेट का आदेश |
| पता बदलना | नए पते का प्रमाण |
| सिग्नेचर बदलना | कुछ नहीं |
| जीवनसाथी का नाम जुड़वाना | विवाह प्रमाण पत्र या Annexure J |
| पिता या माता का नाम बदलना | बदले नाम वाला उनका पासपोर्ट, अगर हो, वरना नाम बदलने का प्रमाण — सेवा रिकॉर्ड, पेंशन ऑर्डर, संपत्ति के कागज़ |
| ECR हटवाना | नॉन-ECR श्रेणी का दस्तावेज़ी प्रमाण |
सामान्य प्रक्रिया में नाम एक ही बार बदला जा सकता है। उसके बाद पूरा नाम बदलवाने के लिए दो दस्तावेज़ी प्रमाण चाहिए कि नाम सचमुच बदला था — महिला का पति का सरनेम जोड़ना, या किसी का पिता का सरनेम जोड़ना, इसमें नहीं गिना जाता।
विवाह प्रमाण पत्र बना ही नहीं? इसका विकल्प Annexure J वाला संयुक्त फोटो घोषणापत्र है, जिस पर दोनों पति-पत्नी साइन करते हैं। मंत्रालय के अपने संकलन में 2016 का एक नियम इससे आगे जाकर कहता है कि ऐसे मामलों में शादी या तलाक़ का कोई प्रमाण ज़रूरी नहीं; मौजूदा निर्देश पुस्तिका अब भी प्रमाण पत्र या Annexure J माँगती है, इसलिए दोनों में से एक साथ रखिए।
अगर पासपोर्ट खो या चोरी हो गया
यही एक मामला है जो नए आवेदन जैसा चलता है। इसमें लगता है:
- पुलिस रिपोर्ट ओरिजिनल में
- पासपोर्ट कैसे और कहाँ खोया या ख़राब हुआ, इस पर हलफ़नामा — Annexure F
- मौजूदा पते का प्रमाण, हर हाल में — सिर्फ़ पता बदलने पर नहीं
- जन्मतिथि का प्रमाण
- पुराने पासपोर्ट के पहले दो और आख़िरी दो पेज की स्वयं-सत्यापित फोटोकॉपी, ECR पेज समेत, अगर मौजूद हो
- बाकी वे कागज़ जो नए पासपोर्ट में लगते, जैसा आपका मामला हो
खोए या चोरी हुए पासपोर्ट पर आम तौर पर तत्काल नहीं मिलता: पहले खोने वाली प्रक्रिया पूरी करनी होती है, हालाँकि जहाँ रिकॉर्ड में मौजूद पुलिस वेरिफ़िकेशन रिपोर्ट साफ़ हो और उस पर फोटो हो, वहाँ पासपोर्ट अधिकारी इसे स्वीकार कर सकते हैं। इस मामले में पुलिस वेरिफ़िकेशन भी होता है — खोए पासपोर्ट की जगह नया लेना उन दो अपवादों में से एक है, दूसरा है नाम पूरी तरह बदलना।
इसीलिए वह फोटोकॉपी मायने रखती है। अपने पासपोर्ट के पहले दो और आख़िरी दो पेज का स्कैन कहीं ऐसी जगह रखिए जहाँ फ़ोन से पहुँचा जा सके — सीधा मामला और लंबा मामला अक्सर उसी कॉपी से तय होता है।
री-इशू का ख़र्च
| सेवा | फ़ीस | तत्काल के साथ |
|---|---|---|
| री-इशू, 36 पेज, 18 साल या उससे ऊपर | ₹2,500 | ₹5,000 |
| री-इशू, 60 पेज, 18 साल या उससे ऊपर | ₹3,500 | ₹6,000 |
| री-इशू, 36 पेज, 18 से कम उम्र का नाबालिग | ₹1,750 | ₹4,250 |
| खोए या ख़राब पासपोर्ट की जगह, 36 पेज, 18 या ऊपर | ₹5,000 | ₹7,500 |
| खोए या ख़राब पासपोर्ट की जगह, 36 पेज, नाबालिग | ₹4,250 | ₹6,750 |
| खोए या ख़राब पासपोर्ट की जगह, 60 पेज | ₹6,000 | ₹8,500 |
ये दरें पासपोर्ट नियमों की अनुसूची IV की हैं, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हुई, और तत्काल वाला कॉलम कुल रक़म है, ऊपर से जोड़ने वाली रक़म नहीं। 8 साल तक के नाबालिगों और 60 से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों वाली 10% छूट सिर्फ़ नए आवेदन पर है — री-इशू पर साफ़ तौर पर नहीं। पासपोर्ट सेवा केंद्र पर फ़ीस नकद ली जाती है; ज़िला पासपोर्ट सेल में PAO-MEA के नाम का डिमांड ड्राफ़्ट लगता है।
पुलिस वेरिफ़िकेशन, और पासपोर्ट कब आता है
ज़्यादातर री-इशू में या तो पुलिस वेरिफ़िकेशन होता ही नहीं, या पासपोर्ट जारी होने के बाद होता है — यह इस पर निर्भर है कि पासपोर्ट ऑफ़िस के पास आपका क्या रिकॉर्ड है। अपवाद दो हैं: खोए पासपोर्ट की जगह नया, और नाम पूरी तरह बदलना। मंत्रालय का संकलन इसमें जोड़ता है कि नाम या दूसरी जानकारी बदलने पर वेरिफ़िकेशन पासपोर्ट जारी होने से पहले होता है, रूप-रंग में बड़ा बदलाव भी इसी तरह जाँचा जाता है जबकि छोटा बदलाव बाद में, और नाबालिग का हर आवेदन — नया हो या री-इशू — पहले वाले वेरिफ़िकेशन से गुज़रता है, बशर्ते वह तत्काल में न हो।
| आवेदन | वेरिफ़िकेशन | पासपोर्ट कब |
|---|---|---|
| सामान्य | ज़रूरी नहीं | जमा करने के बाद तीसरे कार्यदिवस |
| सामान्य | जारी होने के बाद | तीसरे कार्यदिवस, पुलिस रिपोर्ट का इंतज़ार किए बिना |
| सामान्य | जारी होने से पहले | अनुशंसात्मक पुलिस रिपोर्ट के 3 कार्यदिवसों के भीतर |
| तत्काल | ज़रूरी नहीं | जमा करने के बाद 1 कार्यदिवस |
ये वे समय-सीमाएँ हैं जिनकी पासपोर्ट सेवा उम्मीद बताती है, गारंटी नहीं। जो पुलिस रिपोर्ट अनुशंसात्मक न हो, वह घड़ी रोक देती है।
री-इशू में तत्काल
तत्काल में जल्दी की कोई वजह नहीं बतानी पड़ती, और वेरिफ़िकेशन हमेशा पासपोर्ट जारी होने के बाद होता है। इसमें ₹2,500 ज़्यादा लगते हैं। लेकिन री-इशू के छह मामलों में तत्काल मिलता ही नहीं:
- शॉर्ट वैलिडिटी पासपोर्ट का री-इशू
- खोया, चोरी हुआ या बुरी तरह ख़राब पासपोर्ट
- नाम में बड़ा बदलाव
- लिंग में बदलाव
- सिग्नेचर में बदलाव
- पिता या माता का नाम बदलना
ख़राब पासपोर्ट पर तत्काल पहली बार ख़राब होने पर मिल सकता है, या जहाँ ख़ामी बुकलेट की अपनी हो — कवर उखड़ना, सिलाई खुलना — पर वहाँ नहीं जहाँ फोटो पहचान में ही न आती हो, जब तक दो या उससे ज़्यादा वैध फोटो पहचान दस्तावेज़ न दिए जाएँ।
आवेदन कहाँ करें
passportindia.gov.in (पासपोर्ट सेवा) पर ऑनलाइन आवेदन कीजिए, Re-issue चुनिए, फ़ीस भरिए और अपॉइंटमेंट लीजिए। उसके बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र या डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र जाइए: वहाँ पासपोर्ट की हर सेवा होती है। ज़िला पासपोर्ट सेल, स्पीड पोस्ट सेंटर या सिटिज़न सर्विस सेंटर सिर्फ़ नए आवेदन लेते हैं, इसलिए री-इशू वहाँ जमा हो ही नहीं सकता। ओरिजिनल कागज़ साथ ले जाइए — काउंटर पर देखकर लौटा दिए जाते हैं — और हर एक की स्वयं-सत्यापित फोटोकॉपी भी।
बच्चे का पासपोर्ट, और 18 की उम्र पर ECR वाला पेच
15 साल से कम उम्र में जारी पासपोर्ट पाँच साल चलता है या 18 की उम्र तक, जो पहले हो; 15 से 18 के बीच पूरे दस साल का पासपोर्ट या 18 तक वाला चुना जा सकता है, और फ़ीस अलग-अलग है। जिस बच्चे के पास शॉर्ट वैलिडिटी पासपोर्ट था, वह 18 की उम्र के बाद री-इशू के लिए आवेदन करे तो नॉन-ECR श्रेणी साबित करने वाले कागज़ देने होते हैं — वरना नए पासपोर्ट पर ECR की मुहर लग जाती है।
- बालिग के लिए फोटो केंद्र पर ही ली जाती है — अपलोड करने को कुछ नहीं
- नाबालिग के आवेदन और कुछ अनुलग्नकों के लिए पासपोर्ट साइज़ फोटो चाहिए होती है
- विदेश में नौकरी के लिए जा रहे हैं? देखिए ECR का आप पर क्या मतलब है — ECR पासपोर्ट और इमिग्रेशन क्लियरेंस
वे ग़लतियाँ जिनसे दूसरा अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है
- एक्सपायरी का इंतज़ार करना। एक्सपायरी से पहले के दस साल में कभी भी आवेदन हो सकता है, और तीन साल से ज़्यादा टालने पर आसान मामला मुश्किल हो जाता है।
- सिर्फ़ पहला और आख़िरी पेज फोटोकॉपी कराना। बुकलेट पहले दो और आख़िरी दो पेज माँगती है, साथ में ECR पेज और टिप्पणी वाला पेज।
- पते का वह प्रमाण ले जाना जिसकी ज़रूरत नहीं थी — और वह न ले जाना जिसकी थी। यह तभी लगता है जब पता बदला हो, पर बदला हो तो छूट नहीं है।
- वरिष्ठ नागरिक वाली छूट की उम्मीद करना। 10% सिर्फ़ नए आवेदन पर है।
- ज़िला पासपोर्ट सेल में अपॉइंटमेंट लेना। वहाँ सिर्फ़ नए आवेदन लिए जाते हैं।
- यह मानना कि पुरानी ग़लती पर मुहर लगाकर काम चल जाएगा। ग़लत स्पेलिंग या तारीख़ री-इशू से ठीक होती है, उसी बुकलेट में सुधार से नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पासपोर्ट कितना पहले रिन्यू करा सकते हैं?
एक्सपायरी से पहले के दस साल में कभी भी — पासपोर्ट का एक्सपायरी के क़रीब होना ज़रूरी नहीं। इस समय-सीमा में, या एक्सपायरी के तीन साल बाद तक आवेदन करने पर दोबारा पुलिस वेरिफ़िकेशन नहीं होता, बशर्ते पिछले पासपोर्ट की रिपोर्ट साफ़ हो और कोई प्रतिकूल प्रविष्टि न हो।
पासपोर्ट रिन्यू कराने में कौन-से कागज़ लगते हैं?
पुराना पासपोर्ट ओरिजिनल में, और उसके पहले दो व आख़िरी दो पेज, ECR पेज और टिप्पणी वाले पेज की स्वयं-सत्यापित फोटोकॉपी। मौजूदा पते का प्रमाण तभी लगता है जब पता बदला हो। नाम बदलना, बुकलेट ख़राब होना या पासपोर्ट खोना — ऐसी वजहों में अपने अलग कागज़ जुड़ते हैं।
मेरा पासपोर्ट चार साल पहले एक्सपायर हुआ था। क्या अब भी री-इशू हो सकता है?
हाँ। तीन साल से ज़्यादा पहले एक्सपायर हुआ पासपोर्ट बुकलेट में अपना अलग मामला है: कागज़ वही, और जहाँ जारी होने के बाद वाला पुलिस वेरिफ़िकेशन ज़रूरी हो वहाँ आउट-ऑफ़-टर्न वाले दस्तावेज़ भी — सूची में से कोई तीन, जिसमें आधार, वोटर ID, PAN और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।
पासपोर्ट री-इशू का ख़र्च कितना है?
18 साल या उससे ऊपर के लिए 36 पेज की बुकलेट ₹2,500, 60 पेज की ₹3,500, और नाबालिग की ₹1,750। तत्काल में ₹2,500 ज़्यादा। खोए या ख़राब पासपोर्ट की जगह नया लेना महँगा है: बालिग के 36 पेज वाले पर ₹5,000। री-इशू पर वरिष्ठ नागरिक वाली छूट नहीं मिलती।
क्या दोबारा पुलिस वेरिफ़िकेशन होगा?
आम तौर पर नहीं। ज़्यादातर री-इशू में या तो वेरिफ़िकेशन होता ही नहीं, या पासपोर्ट जारी होने के बाद होता है। खोए पासपोर्ट की जगह नया लेना और नाम पूरी तरह बदलना अपवाद हैं, और नाम या दूसरी जानकारी बदलने पर वेरिफ़िकेशन जारी होने से पहले होता है।
विदेश में मेरा पासपोर्ट चोरी हो गया — क्या-क्या लगाना होगा?
पुलिस रिपोर्ट ओरिजिनल में, कैसे और कहाँ खोया इस पर Annexure F में हलफ़नामा, पते का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, और पुराने पासपोर्ट के पहले दो व आख़िरी दो पेज की फोटोकॉपी अगर मौजूद हो — साथ में वे कागज़ जो नए पासपोर्ट में लगते।
क्या नाम बदलवाना और रिन्यू कराना एक साथ हो सकता है?
हाँ — नाम बदलना अपने आप में री-इशू ही है। शादी के बाद सरनेम बदलवाने वाली महिला विवाह प्रमाण पत्र या Annexure J वाला संयुक्त फोटो घोषणापत्र लगाती है। सामान्य प्रक्रिया में नाम एक ही बार बदला जा सकता है।
री-इशू का आवेदन कहाँ जमा होता है?
passportindia.gov.in पर आवेदन और अपॉइंटमेंट के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र या डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर। ज़िला पासपोर्ट सेल, स्पीड पोस्ट सेंटर और सिटिज़न सर्विस सेंटर सिर्फ़ नए आवेदन लेते हैं।
यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं — और ToolGalli का किसी सरकारी विभाग से कोई संबंध नहीं है। दस्तावेज़ों की सूची, फ़ीस और समय-सीमाएँ बदलती रहती हैं; आवेदन से पहले पासपोर्ट सेवा पर मौजूदा स्थिति देख लीजिए।